पंजाब की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर शिवसेना उत्तर भारत ने जताई चिंता, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

जालंधर। Shiv Sena Uttar Bharat के राष्ट्रीय अध्यक्ष Deepak Kamboj एवं आईटी सैल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए पंजाब की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बीते एक सप्ताह के भीतर लगातार हुई घटनाओं — पहले शंभू रेलवे लाइन, फिर जालंधर और अब अमृतसर के खासा कैंप के पास धमाका — यह दर्शाता है कि पंजाब की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।

नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार हालात संभालने में पूरी तरह विफल साबित हुई है तथा मुख्यमंत्री Bhagwant Mann और उनके अधीन कार्य कर रहे डीजीपी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हर बड़ी घटना के बाद सच्चाई छिपाने और मामलों को दबाने का प्रयास कर रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और खतरनाक प्रवृत्ति है।

उन्होंने विशेष रूप से जालंधर में हुए धमाके का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना को रातों-रात “स्कूटी में आग लगने” की कहानी बनाकर दबाने का प्रयास किया गया, जबकि सामने आए सीसीटीवी फुटेज और कथित तौर पर Khalistan Liberation Army द्वारा ली गई जिम्मेदारी ने पूरे मामले को उजागर कर दिया। नेताओं ने सवाल उठाया कि आखिर सरकार पंजाब की जनता को सच्चाई बताने से क्यों बच रही है।

उन्होंने कहा कि जब रेलवे लाइनों, बीएसएफ चौकों और मिलिट्री बेस जैसे संवेदनशील इलाकों के आसपास इस प्रकार की घटनाएं होने लगें, तो यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं रह जाता बल्कि सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर संकट बन जाता है।

शिवसेना नेताओं ने चेतावनी दी कि पंजाब के हालात अब अत्यंत चिंताजनक हो चुके हैं और आम नागरिक भय तथा असुरक्षा के माहौल में जीवन जीने को मजबूर है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि पंजाब की सुरक्षा स्थिति का तुरंत संज्ञान लिया जाए और आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि राज्य में शांति और सुरक्षा बहाल की जा सके।

अंत में उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान सरकार स्थिति संभालने में असमर्थ है, तो उसे नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए जनता के सामने सच्चाई रखनी चाहिए और ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।

इस मौके पर राष्ट्रीय प्रभारी Sono Thapar, राष्ट्रीय सलाहकार Kala Baba, नाथ जी, रोहन जी, करन जी आदि उपस्थित रहे।