शिवसेना उत्तर भारत के वरिष्ठ नेता अजय बब्बर को मिली धमकियों पर राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक कम्बोज की सख्त चेतावनी

जिला पठानकोट में शिवसेना उत्तर भारत के वरिष्ठ नेता एवं आईटी सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय बब्बर को नशा तस्कर द्वारा फोन पर गाली-गलौच और मारने की धमकियाँ दिए जाने का मामला गंभीर रूप से सामने आया है। इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ा संज्ञान लेते हुए शिवसेना उत्तर भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक कम्बोज ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
दीपक कम्बोज ने अपने बयान में कहा कि लगभग 3 दिन पहले कुछ नशा तस्करों द्वारा अजय बब्बर को फोन पर गाली-गलौच करते हुए धमकियाँ दी गईं। इस संबंध में अजय बब्बर ने तुरंत जिला पठानकोट के थाना डिवीजन नंबर-2 में शिकायत दर्ज करवाई। इसके साथ ही उन्होंने ईमेल के माध्यम से डीजीपी पंजाब, डिप्टी कमिश्नर पठानकोट और एसएसपी पठानकोट को भी पूरे मामले से अवगत करवाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज करवाने के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं।
दीपक कम्बोज ने आगे कहा कि जिन नशा तस्कर द्वारा यह हरकत की गई है, उनके खिलाफ पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं, साथ ही मारपीट और अवैध हथियारों से जुड़े गंभीर अपराधों में भी उनका नाम सामने आ चुका है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी उक्त आरोपी ने चार मरला क्वार्टर क्षेत्र में झगड़े के दौरान एक व्यक्ति पर तेजधार हथियार से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल किया था।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आखिर ऐसे आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति को किस राजनीतिक संरक्षण (शह) के चलते खुली छूट दी जा रही है, जो खुलेआम एक हिंदू नेता को धमकियाँ दे रहा है।
शिवसेना उत्तर भारत की ओर से जिला प्रशासन से मांग की गई है कि आरोपियों के खिलाफ तुरंत सख्त से सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर हवालात में डाला जाए। साथ ही कोर्ट से उनका पुलिस रिमांड लेकर यह भी जांच की जाए कि उन्हें इस प्रकार के अपराध करने के लिए किस राजनीतिक व्यक्ति का संरक्षण प्राप्त है।
दीपक कम्बोज ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि मंगलवार तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो शिवसेना उत्तर भारत के कार्यकर्ता जिला पठानकोट के थाना डिवीजन नंबर-2 के बाहर भूख हड़ताल पर बैठेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में अजय बब्बर या उनके परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई भी अप्रिय घटना घटती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी और शिवसेना चुप नहीं बैठेगी।
अंत में उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच करते हुए जरूरत पड़ने पर सीबीआई जांच भी करवाई जाए, ताकि यह सामने आ सके कि इन अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण कौन दे रहा है।