जालंधर:
जालंधर सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य पूरी तरह ठप होने के कारण इलाके की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है। इस संबंध में भारतीय जनता पार्टी के ओबीसी मोर्चा, पंजाब के प्रवक्ता ललित कुमार बब्बू ने पंजाब सरकार और स्थानीय प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि क्षेत्र में जनसमस्याओं का अंबार लग चुका है, लेकिन सरकार और प्रशासन पूरी तरह से बेखबर दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जालंधर सेंट्रल क्षेत्र की स्थिति बेहद चिंताजनक बन चुकी है। हैरानी की बात यह है कि इस हलके में विधायक भी मौजूद है और आम आदमी पार्टी की ओर से एक इंचार्ज भी नियुक्त किया गया है, इसके बावजूद इलाके की हालत बद से बदतर हो चुकी है। जनता को न तो साफ पीने का पानी मिल रहा है और न ही सड़कों तथा सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध हो पा रही हैं।
ललित कुमार बब्बू ने कहा कि क्षेत्र के कई वार्डों में लोगों को गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई किया जा रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। खास तौर पर बच्चों और बुजुर्गों में बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। इसके बावजूद संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर पूरी तरह निष्क्रिय बना हुआ है।
उन्होंने आगे कहा कि जालंधर सेंट्रल की सड़कों की हालत भी बेहद खराब है। जगह-जगह गहरे गड्ढे पड़े हुए हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएँ हो रही हैं और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में हालात और भी भयावह हो जाते हैं। इसके साथ ही सीवरेज व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा चुकी है, जिससे इलाके में गंदगी और बदबू का माहौल बना हुआ है।
बब्बू ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार होने के बावजूद जालंधर सेंट्रल क्षेत्र की लगातार अनदेखी होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। चुनावों के समय बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस विकास कार्य नजर नहीं आ रहा।
उन्होंने पंजाब सरकार से मांग करते हुए कहा कि जालंधर सेंट्रल क्षेत्र में तुरंत शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाए, टूटी हुई सड़कों की मरम्मत और नई सड़कों का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, सीवरेज और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए तथा विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो भारतीय जनता पार्टी जनहित में सड़कों पर उतरकर जोरदार आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार और प्रशासन की होगी।








