खुरला किंगरा में कोहली डेयरी और बेकरी के ऊपर बन रही अवैध बिल्डिंग पर फिर उठे सवाल, क्या बिल्डिंग इंस्पेक्टर गौरव ठाकुर करेंगे कार्रवाई या होगी लाखों की सेटिंग ?

Jalandhar (Sumit kumar): जालंधर के गांव खुरला किंगरा के साथ लगते साईं मंदिर के नजदीक कोहली डेयरी और बेकरी के ऊपर बन रही कथित अवैध निर्माणाधीन बिल्डिंग ने एक बार फिर नगर निगम के बिल्डिंग विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इलाके में चर्चा जोरों पर है कि क्या इस अवैध निर्माण पर कानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी या फिर पहले की तरह “सेटिंग” के जरिए मामला दबा दिया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार बेकरी की ऊपरी मंजिल बिना नक्शा पास करवाए बनाई जा रही है, जिससे सरकार के राजस्व को भारी नुकसान पहुंच रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह निर्माण उसी इलाके में हो रहा है जहां कुछ समय पहले वर्मा ज्वेलर्स की बिल्डिंग को लेकर भी बड़े स्तर पर चर्चाएं हुई थीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उस मामले में भी मोटी रकम लेकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था और अब लोगों की निगाहें इस नई बिल्डिंग पर टिकी हुई हैं।

सूत्र यह भी बताते हैं कि बिल्डिंग इंस्पेक्टर गौरव ठाकुर द्वारा इस निर्माण को लेकर नोटिस जारी किया जा चुका है, लेकिन इलाके के लोगों का कहना है कि नगर निगम के कुछ अधिकारियों की कार्रवाई सिर्फ नोटिस जारी करने तक ही सीमित रहती है। पहले अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस भेजा जाता है, फिर उन्हें दफ्तर बुलाकर बिल्डिंग तोड़ने का डर दिखाया जाता है और उसके बाद लाखों रुपए की कथित सेटिंग कर मामला रफा-दफा कर दिया जाता है।

इलाके के लोगों का आरोप है कि बिल्डिंग विभाग के कुछ अधिकारी सरकारी जिम्मेदारी निभाने की बजाय अपनी जेबें भरने में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। चर्चा यह भी है कि मौके पर सीधे कार्रवाई करने की बजाय अधीनस्थ कर्मचारियों को भेजकर पहले माहौल बनाया जाता है, फिर बिल्डिंग मालिकों पर दबाव बनाकर कथित तौर पर मोटी रकम की डिमांड की जाती है। बिल्डिंग मालिक भी अपनी निर्माणाधीन इमारत को टूटने से बचाने के लिए मजबूरी में रिश्वत देने को तैयार हो जाते हैं।

हालांकि नगर निगम जालंधर के माननीय कमिश्नर द्वारा अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली उन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते ऐसे मामलों पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो शहर में अवैध निर्माणों का सिलसिला और तेज हो जाएगा।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कोहली डेयरी और बेकरी के ऊपर बन रही इस अवैध मंजिल को सच में डिमोलिश किया जाएगा या फिर यह मामला भी लाखों रुपए की कथित सेटिंग के बाद फाइलों में दबकर रह जाएगा। फिलहाल पूरे इलाके की नजर नगर निगम के अगले कदम पर टिकी हुई है।